पति-पत्नी व्व्यंग काव्य#
चुनाव हो तुम्हारा।
मेरे ही वोट से जीत लू तुम्हे।
और बस तुम पर हो अधिकार मेरा।
तुम मेरी सरकार!!!!
मै भोली जनता सी,
फिर आ जाती तुम्हारी मीठी मीठी बातों में।
कर लेते ५ साल फिर मुझे गिरफ्तार।
फिर चल पड़ती घरगृहस्थी हमारी।
कभी G S T Kabhi black many ka तनाव।
उफ्फ ये लाइट बिल तो कभी राशन पानी का अभाव।
फिर आ जाती तनख़ा हमारी!!!!!!
और फिर तुम मेरी सरकार।
चुनाव हो तुम्हारा।
बस मेरे ही वोट से जीत लूं तुम्हे।
और बस तुम पर हो मेरा ही अधिकार।
मेघा....✍