थकी हुई होने पर उसे थकी हूं कहने का अधिकार नही है
बीमार होने पर उसे आराम करने का अधिकार नही है
मन होने पर उसे देर से उठने का अधिकार नहीं है
अपनी मर्ज़ी से बाहर अकेले घूमने का अधिकार नही है
अपने घर की मैं अपनी ना हो सकी
और पराए घर ने अपना ना सका
हां मै अपराधी हूं,
हां मैं लड़की हूं..