चल पड़ी है जिंदगी किस मोड़ पे पता नही
क्या करना है क्या कर रहे है पता नही
किसी की खुशी के लिए दो लब्ज़ कह दिए
या अपनी खुशी ही ढूंढ रहे थे पता नही
खुदा तूने भी कुछ कहा नही
सही गलत पता नही
अब तूही बता मेरे खुदा
क्या सही क्या गलत
तेरा ही तो सहारा है
बाकी हमे कुछ पता नही