तु चाहत सही, तु इबादत सही
मेरे लिए बना शायद इश्क नही।
तुझसे दूर रहने की आहत सही
तु मेरी सबसे बड़ी आदत सही
मेरे लिए बना शायद इश्क नही।
तु मोहब्बत सही
तु मेरे जहान की शोहरत सही
मेरे लिए बना शायद इश्क नही।
तु मेरी सारी दोलत सही
तुझसे ही दिन की राहत सही
मेरे लिए बना शायद इश्क नही।
तु मेरी किस्मत सही
तु मेरी खेरत सही
बस बनजा रब की इजाजत तु
मेरे लिए बना शायद यही इश्क सही।......