कल जिसे देखा ख्वाबों में
वो आज तो मुझे दिख गया।
देखते ही दिल मेरा
गुलाब की तरह खिल गया।
दिखने वाले अजनबी
तू सपना है मेरी जिन्दगी का
कहीं बिछड़ न जाय इस पल के बाद
सोच के मेरा दिल हिल गया।।
भीड़ का वो एक चेहरा
मेरे सपनों में रोज आता है।
दिल के सारे तारों को
एक पल में झनझनाता है।
तू हकीकत में मुझे मिलेगा नहीं
ये जानती हूँ मगर
तेरे बारे में सोच कर ही
मेरा दिल खुश हो जाता है।।
जाना पहचाना सा एक अजनबी
यों भीड़ में मिला मुझे।
सपना हकीकत बनकर
आज सामने दिखा मुझे।
सोचती हूँ कैद कर लूँ
पलकों की दीवारों में
मेरे सपनों का राजकुवँर
जिस हसीन पल में मिला मुझे।।
सपना जिसका सजाया मैंने
वो हकीकत बनकर सामने आया।
वही आँखें वही चेहरा
वही घनी जुल्फों की छाया।
दिल चाहे कुछ ऐसे भरलूँ
अपनी आँखों की इस पलकों में
कि आँखें बंद करूँ तो तेरा चेहरा दिखे
कि उस पल तू कैसे मुस्काया।।
देखा मैंने तुमको पर
वो एहसास बाकी रह गया।
सपनों मे आने वाले से
इजहार बाकी रह गया।
मिलोगे या नहीं किस्मत
पर छोड़ दिया मैंने
एक पल में आये और चले गये
अब बस इंतजार बाकी रह गया।।
सपना जिसका सजाया था
वो दिलबर मुझे मिल गया।
देखकर उसे मेरा दिल बल्लियों
उछलकर खिल गया।
अफसोस उस घड़ी पर
जब वो मुझसे बिछड़ गया।
फिर भी खुश हूँ उस पल में ही
वो मुझे यादों का खजाना दे गया।।