English Quote in Poem by Jamila Khatun

Poem quotes are very popular on BitesApp with millions of authors writing small inspirational quotes in English daily and inspiring the readers, you can start writing today and fulfill your life of becoming the quotes writer or poem writer.

kavyotsv 2
स्वरचित

तू मुझको इतनी मजबूर नहीं लगती


माँ तू मुझको इतनी मजबूर नहीं लगती
मेरी हत्या में तेरी भी मौन स्वीकृति है झलकती।

क्या तू समाज में फैली बुराइयों से डरती है?
पर तुझे भी पता है कि कोई बुराई हमेशा नहीं रहती।

तू क्यों समाज से गन्दगी मिटाने की शुरुआत नहीं करती
क्यों अपनी ताक़त और साहस का इजहार नहीं करती?

जब तेरा बेटा किसी की बेटी को आहत करके आता है
तू क्यों उस बेटे का बहिष्कार नहीं करती?

क्यों छिपा लेती है उस दरिंदे को अपने आँचल में
क्या किसी बेटी की करुण पुकार तेरे मन को द्रवित
नहीं करती?

माँ ,तू तो माँ है-क्यों अपने नाम के साथ न्याय नहीं करती
क्यों अपने घर से बुराई मिटाने की शुरुआत नहीं करती।?

माँ तुझको ममता के दोहरे मापदण्ड से बाहर आना होगा
तुझको ही साहस करके समाज से अत्याचार मिटाना
होगा।।
अत्याचार मिटाना होगा।।

जमीला खातून

सर्वाधिकार सुरक्षित

English Poem by Jamila Khatun : 111165445
New bites

The best sellers write on Matrubharti, do you?

Start Writing Now