#kavyotsav -2
प्यार
प्यार के साथ बिताए लम्हें .
वो रात हमारे मिलन की थी,
जो तेरे मेरे मिलने से ढल गई थी.
बात बात मैं टाईम हाथों से निकला,
सपनो की सच्चाई देखी,
जो हमारे मिलने से चांद शर्मा गया.
आपकी सिसकीयाँ प्यार का,
इजहार कर रही थी,यादें आपकी,
जी घबरा रही,प्यार मैं जिंदगी,
आपके नाम कर बैठैं.
जीस मुँह से उनका नाम लिया,
दिल मैं उनको बसाया,
जीस रुहने आपकी रुह को
गले लगा गई,
वो रात बड़ी हसीन थी.
आपके प्यार मैं हम बावरे हो गए,
जबान खुशामत करती रही,
पर ए दिल आपके प्यार के लिए तरसा,
हुई प्रेम की वर्षा,
तो दिल को सुकुन मिला.
एक दुसरे के साथ बहुत खेला,
आंखों मैं खो गए,
चुपी ही सब कुछ बोली,
वो हमारे मिलन की रात थी.
जो तेरे मेरे मिलने से ढल गई थी.
पास थे मगर एकदुसरे मैं खो गए,
आशा थी की कुछ बातें हो पर,
आंखे सब कुछ बोल गई.
रात की बारिश हमारे दिल,
पिगला गई, हम जसबातो,
के गुलाम बन गए,
वो रात हमारे मिलन की रात थी,
जो तेरे मेरे मिलने से ढल गई थी.
शैमी ओझा "लब्ज़ "