#kavyotsav -2
#बेटे भी अक्सर अब घर छोड़ जाते है#
बेटे भी अक्सर अब घर छोड़ जाते है।
बेटियों का दस्तूर था जाना घर छोड़ कर
हर मोड़ पर सजाये अपने सपने को भूल कर
समय की मांग अब सबको समान बना दिया
बेटियां क्या बेटो को भी घर छुड़ा दिया
अब ये भी घर को ठुकरा जाते है
बेटे भी अक्सर अब घर छोड़ जाते है
पहले पढ़ने गये थे अब नौकरी करेंगे
आगे बढ़ने के लिये जीवन में सब कुछ करेंगे
क्या करें इस समय जीवन की सच्चाई यही है
कैसे रहेंगे माँ-बाप हम भूल जाते है
बेटे भी अक्सर अब घर छोड़ जाते है
ये मेरी नही शायद घर -घर की कहानी है
गहराई से जाने तो आँखों में पानी है
इसमें बेटे की गलती या माँ-बाप की लाचारी है
इसका जबाब हम आपपे छोड़ जाते है
बेटे भी अक्सर अब घर छोड़ जाते है
बेटा आएगा आज घर पे खुसी है
बेटा जायेगा कल कुछ बेरुखी है
कभी तो आकर रुकेगा सदा हमारे लिए
इस आस में ओ जिंदगी काट जाते है
बेटे भी अक्सर अब घर छोड़ जाते है