#चीठ्ठी
कुछ कही-अनकही बातो को नजर अंदाज करना
पर तुम आना जरुर।
चारपाई पे लेटा है बदन,
पर नझर दरवाजे से होते सडक पर ठहरी है
और चौराहे पर खडा मन मेरा इंतजार मे है तेरे।
बेटा अब तेरी आश बाकी है,
पता तो मालुम होगा, फिरभी बता देता हु-
1 बटे 2 बीलकुल मेरे जीवन के बाकि दीन कि तरह,
जीवनधारा सोसायटी, व्रुधाआश्रम
जहा मुझे तु छोड के गया था,
मेरे जीवन के अंतीम पलो मे तुम मेरे पास होगे तो,
शायद मुझे ऐसा लगे जैसा तुम्हारे जन्म के वक्त लगा था।
बेटा शायद तेरे पास वक्त ना हो पर थोडा नीकाल लेना
मुझे खुशी होगी।
................तेरा बुढा बाप
.. ......-सुरझन
-रेरा