आज तुम्हें देखने का मन किया.. तो तुम्हें देखने चला आया.. पर नहीं चाहता था तुमसे नजरे मिले दोबारा इसलिए दूर से देखने का फैसला किया.. काफी देर इंतज़ार किया तुम्हारे वहां आने का..फिर अखिरकार तुम आई.. चलते चलते टाईम तुम टाइप कर रही थी मोबाइल पर कुछ.. और स्माइल कर रही थी.. थोड़ी दूर चलने के बाद तुम्हारे पास किसी का कॉल आया.. तुम उससे बात करते हुए काफी खुश लग रही थीं..मुझे उम्मीद थी थोड़ा पश्चाताप होगा तुम्हारी आंखो में.. थोड़ा गम होगा मेरे साथ जैसा किया उस चीज़ का.. पर मैं ग़लत निकला.. उसके उलट तुम बहुत खुश थी.. शायद कॉल उसी लड़के का था जिसके लिए तुम मुझसे दूर हुई.. मै दूर खड़ा दिल में रो रहा था.. हिम्मत नहीं कर पाया तुम्हारे सामने आने की.. ना तुम्हारी खुशी को कम करना चाहता था सामने आके.. पर आज फिर समझ आया.. कि लोग आते जाते रहते है जिंदगी में.. जिंदगी नहीं रुकती.. वो चलती रहती है.. आज तुम किसी के लिए सबसे जरूरी चीज़ हो सकते हो.. पर आने वाले कल मे तुम उनके लिए बेकार हो जाओगे.. यही जीवन है.. जितनी जल्दी समझो उतना बेहतर !गुमनाम सिकन्दर✍