सरपट जा रही थी अभी तक जिंदगी
मानो अचानक थम सी गई...
ठह ठहा कर हंस रही थी अब तक
ना जाने किसकी नज़र लग गई..
एक बून्द से निकल उठते थे पौधे
वो ज़मीं आज बँजर बन गई..
सिसक उठते जो हमारा दीदार करते ही
वो ही आज हमसे नज़र फेर गई..
मन को जब बहुत टटोला तो समझ में आया
की शायद मेरी कमी पूरी हो गई..
#अद्वैत