#KAVYOTSAV -2
मानवता देखो आज मर चुकी हैं
बेटियों की हर जगह ईज्जत लूंट रही है,
बन गया है कब्र ईन्सानो का ये दिल
स्वार्थ कि आगने मानवता को जला दी है!
ईन्सानियत के घरों में आग लगी हुई हैं
हर ईन्सान को बेटो कि भूख लगी हुई हैं,
कब सोचा है उस मां ने ख्वाब मैं
वो भी कभी किसी की बेटी थी !
क्यू पाना चाहता है ये गोद उस बेटो को
जिसने मां की कूख को कब्र बना रखी है
क्यू बन गया है कब्र मां का ये तनबदन?
जिसने जहां को स्वर्ग सा उजाला दिया है
अगर न चाहिए किसीको बेटियाँ जिंदगी में
तो सप्तपदी के फेरे न लगाना ईन्सानियत के लिये!