Hindi Quote in Poem by Dr.Desh bandhu

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**उल्लासों के दीप जले**



अम्मा तुम्हीं बताओ मुझको,



बापू क्यों लंगड़ाते हैं ।



कारण जब पूँछू तो उनके,



आँसू क्यों भर आते हैं ।।



बम,अनार, कन्डील, मिठाई,



बापू अभी नहीं लाए ।



अपने घर में अँधियारा क्यों ,



चहुँ दिश उजियारा छाए ।।



नन्हें बबलू की बातों का,



अम्मा क्या उत्तर देती ।



गले लगाकर बबलू को वह,



सिसकी भरकर रो लेती ।।



कहतीं,-‘बेटे,क्या बतलाऊँ,



बापू की है लाचारी ।



कटी टाँग जब दुर्घटना में ,



तब से है यह बेकारी ।।



बापू थे सेना में भर्ती,



जब दुश्मन से जंग हुई ।



उनकी गोली से ना जाने,



कितनी सांसें बन्द हुई ।।



थर्रायी दुश्मन की सेना,



बापू के हथियारों से ।



तभी टाँग घायल हुई उनकी,



बम के घातक वारों से ।।



गिरते-गिरते भी उन्होंने,



दर्जन भर दुश्मन मारे ।



नहीं सम्भल पाए जब बापू,



गिरे धरा पर बेचारे ।।



सभी डाक्टरों ने मिल करके,



सारी कोशिश कर डाली ।



लेकिन टाँग बचा न पाए,



रुकी चाल फिर मतवाली ।।



नहीं आएंगे बम, राकेट कुछ,



उजियारा भी ना होगा ।



तुमको ही दीपक सा बनकर,



जग-रोशन करना होगा ।।



माँ को रोते देख कहा,



बबलू ने, मत रो अम्मा ।



नहीं चाहिए मुझे मिठाई,



सूखी रोटी दो अम्मा ।।



खील-मिठाई खाऊँगा जब,



खूब बड़ा हो जाऊँगा ।



भाग जाएगा अन्धकार सब,



अनगिन दीप जलाऊंगा ।।



बापू से बोला बबलू यों,



तुम भी अब मत रो बापू ।



मैं भी एक बनूँगा सैनिक ,



तुम चिन्तित मत हो बापू ।।



चुन-चुन करके हर दुश्मन को,



चिर निद्रा सुलवाऊँगा ।



भारत माँ के हर संकट को,



क्षण में दूर भगाऊँगा ।।



बबलू की बातें सुन सबके,



हृदयन्तर में फूल खिले ।



यादगार बन गयी दिवाली,



उल्लासों के दीप जले ।।



- डॉ०देशबन्धु शाहजहाँपुरी



आनन्दपुरम कॉलोनी (बीबीजई चौराहा)



(निकट जय जय राम आटा चक्की)



शाहजहाँपुर (उ०प्र०) 242001



मोबाइल 9936604767 , 9415035767



ई मेल - drdeshbandhu1@gmail.com

Hindi Poem by Dr.Desh bandhu : 111157476
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