#kavyotsav -2
ढलजा मेरे यार
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तु मेरी ग़ज़ल में बस जा मेरे यार
तु मेरी चाह में ढल जा मेरे यार..
जुड़ा हुं तेरे वजूद के सहारे मैं..
तु मेरा अस्क बन जा मेरे यार..
मै जी उठा लो फिर एक बार
तु मुझ में अब बदल जा मेरे यार..
कोई नहीं इन तन्हा वीरानियां में
तु मेरी आंखों में पिघल जा मेरे यार...
कुछ खास समझने लगा हूं खुद को
सबब-ए-आरजू तु बन जा मेरे यार....