इस पल का यारों पता नहीं
किसके बाज़ी में आएगी!
पर लगे हुए हैं दौड़ में,
बाज़ी में न सही,
मेरी बारी तो आएगी!
हुए पड़े हैं शामिल इसमें!
जब रेस सभी से होगी तो
होगी बाज़ी कभी इस पार
और कभी उस पार!
शायद हो सकता है देखनी
पड़े हमको हार!
इस पल का यारों पता नहीं
किसके बाज़ी में आएगी!
रेस खत्म नहीं करनी हमको
अगर कर भी दी तो
खुद से ही हार जाएंगे!
जब रेस सभी से हो तब
हार जीत का डर लगता है!
पर रेस खुद ही से हो तो
किस बात का हमको
डर लगता है!
और चलें हैं हम, निकले हैं हम!
इस पल का यारों पता नहीं
किसके बाज़ी में आएगी!