#kavyotsav -2
अब हर बातों में एक बात भारी है
क्या कर रहे हो?
सबके पूछने के लहज़े में शामिल है
ये द्वंद्व मेरे अंदर ही नही है
शायद!
हर युवा में इसका तलाश जारी है
अब हर बातों में एक बात भारी है
ओ दौर था कुछ
ये दौर कुछ और है
हर युवा के दिलो में
एक सपना बसा है
उसे पाने का हर प्रयास जारी है
अब हर बातो में एक बात भारी है
मंजिल है दूर
कुछ करने की चाहत है
भटकाव वाले लोग
रास्तों में शामिल है
बचकर निकल गया
वह उसकी चालाकी है
अब हर बातो में एक बात भारी है।
?दिलीप कुशवाहा