kavyotsav -2
ये जमाना जरा बताओ क्यों किस पर तुम मरते हो ?
पुत्र जन्म पर पुलकित होते बेटी से क्यों डरते हो ?
बेटी तो कुल देवी है , इतिहास समादर देता है।
उस देवी का मूल्य तो जानो ,फिर से यह न्योता है।
वह घर सजा सार हींन है ,जिसमें कोई शिप नहीं।
वह घर बिल्कुल सुना है ,जिसमें कन्या रूप नहीं।
पुत्र से ही मोक्ष मिलता है , इसका कोई प्रमाण नहीं।
भ्रूण हत्यारे जरा बता दे ,बेटी क्या संतान नहीं।
आने वाली हर कन्या, सीता सावित्री और भवानी है ।
भ्रूण हत्या करवा देते ,ये तेरी कैसी मनमानी है ।
है कन्या दल की चीख नहीं, उनकी ये भविष्य वाणी है।
भ्रूण हत्या नहीं रुकी तो ,इस सृष्टि को अब जानी है।