कीसीने न कहा ये हमारा है
बस कहा तो ये कहां ये तेरा है
दो अलग जाती के माता-पिता
पर बच्चे की कौनसी जाती है ?
बच्चे को मां की जाती ने ना स्वीकारा
बच्चे को पिता की जाती ने ना स्वीकारा
बच्चे को मानवता की जाती ने स्वीकारा
दोनों जाती बच्चे को अपना केह क्यु न स्वीकारा
बच्चे को दोनों जाती से प्यार क्युं नहीं मीलता ?
बच्चे के रगमे अपना खून है ऐसा स्वीकार करने वाला क्युं नहीं मीलता ?...ॐD