कहता है जोकर सारा ज़माना
आधी हक़ीकत आधा फ़साना
चश्मा उठाओ, फिर देखो यारो
दुनिया नयी है, चेहरा पुराना कहता है जोकर ...
धक्के पे धक्का, रेले पे रेला है
भीड़ इतनी पर दिल अकेला
ग़म जब सताये, सीटी बजाना पर मसखरी से दिल न लगाना
कहता है जोकर ...
अपने पे हँस के जग को हँसाया
बन के तमाशा मेले में आया
हिन्दु न मुस्लिम, पूरब न पश्चिम
मज़हब है अपना हँसना हँसाना
कहता है जोकर ...
- अग्नात