Hindi Quote in Story by Sarvesh Saxena

Story quotes are very popular on BitesApp with millions of authors writing small inspirational quotes in Hindi daily and inspiring the readers, you can start writing today and fulfill your life of becoming the quotes writer or poem writer.

#moralstories

रिज़ल्ट

घडी की सुइयां भागती जा रही थी और दिल की धड्कने थमती जा रही थी, आज 12वी का रिजल्ट आने वाला है, मै और मेरे सबसे अच्छे दोस्त टीटू ने इस बार बहुत मेह्नत की थी। टीटू बिल्कुल खामोश न जाने किस सोच मे डूबा हुआ था, जैसे वो चाहकर भी उस डर से लड नही पा रहा हो जो ना जाने कहां से उसके मन मे पनप गया था। तभी भैया बाहर से आये और बोले बधाई हो, तुम दोनो बहुत अच्छे नम्बर से पास हुये हो, विकास और टीटू एक दुसरे के गले लग गये लेकिन जब उन्हे पता चला कि उनके सिर्फ 65% नम्बर आये हैं तो टीटू के चेहरे का रंग उड गया। टीटू विकस के साथ जब घर आया तो घर का माहोल किसी मातम से कम नही था। टीटू के पापा ने कहा “ आ गया तू, तुझे पता भी है कि रुपये कैसे कमाये जाते हैं, पूरा साल इस विकास के साथ अवारा गर्दी करता रहा अब भुगत!” वो अपनी बात पूरी कर पाते कि तभी मॉ शुरु हो गई, “ मेह्नत करता तो 99% तक तो आ ही जाते, अरे क्या मुँह दिखाऊंगी मै पडोसियों को, बच्चों के लिये इतना करो पर ... ”।
मै टीटू को बाय कहकर चला आया, उसकी आंखों मे आंसू भरे थे जो उसके दिल मे उठ रही सुनामी को रोक नहि पा रहे थे। उस दिन आखिरी बार मैंने टीटू को देखा था, हां अगले ही दिन पता चला के टीटू ने रात को फांसी लगा ली, कितना रोया होगा वो पर ..
आखिर मॉ बाप क्युं नही समझ पाते कि चंद नम्बर बच्चों के सपनो को नही माप सकते, क्या कागज़ की एक शीट या उसमे लिखे ढेर सारे नम्बर बच्चे के खुशहाल ज़िंदगी की गारंटी होते हैं, कितने बच्चों मे उनकी अलग अलग प्रतिभा होती हैं, जिनके लिये जरूरी नही कि चंद विषय उनका भविष्य तय कर सके,दुख मुझे इस बात का है कि सब यही कहते रहे कि थोडे नम्बर और आ जाते तो टीटू आज जिंदा होता, पर किसी ने इस बात पर ध्यान नही दिया कि ये आत्म्हत्या नही हत्या थी, काश उसे जिंदादिल बनाया गया होता तो वो जो भी आगे बनता पर सफल और खुश होता, उसके सपनो की उडान अगर कोई पहचानता तो आज वो लोगों के लिये मिसाल बनता और तब उसके मां और बाप उसपे गर्व करते।
मुझे आज तक समझ नही आया कि पढ लिख के अमेरिका जाकर कमाने वाले बेटे से मां बाप ज्यादा खुश रह्ते हैं या फिर उनके सुख दुख मे साथ रहने वाले साधारण बेटे से, वो जैसा भी होता आज उनके पास होता। आज टीटू को गये 10 साल हो गये पर आज भी उसकी यादें सुबह के खिले फूल की तरह ताज़ी हैं लेकिन टीटू के घर मे रखी उस मेज के कवर के निचे रखा रिजल्ट अब जर्जर हो गया है और उसमे लिखे वो नम्बर भी अब धुंधले हो गये हैं l

Hindi Story by Sarvesh Saxena : 111133343
New bites

The best sellers write on Matrubharti, do you?

Start Writing Now