?जो खुद की इज्जत न कर सके वो दुसरो की इज्जत न कर सके
?जो खुद की सुरक्षा न कर सके वो दुसरो की सुरक्षा न कर सके
?जो खुद को जुठी शानो शौकत, समाज की खोखली सोच से बंधे हो वो खुद को स्वतंत्रता न दे सके तो दुसरो को भी स्वतंत्रता न दे सके
?जो खुद दुःखी है या खुद के साथ खुश नहीं तो दुसरे को खुश न रख सके
?जीनको खुद के मान अपमान, सुख-दुख को न जाने वो दुसरे के भी मान अपमान, सुख-दुख को न समझ सके
?जो अपनी मर्यादा न जाने वो दुसरे की मर्यादा को न पहेचान पाए
?जो खुद को न समझ सके वो दुसरो को भी न समझ सके
?खुद के चेहरे पर कभी मुस्कान न टीके वो दुसरे के चहरे की मुस्कान न बन सके
?जो खुद कोई भी हाल में अपने साथ न रेह सके वो दुसरो के साथ भी ना रेह सके
?जो खुद की भलाई नहीं जानते वो दुसरो की भलाई नहीं कर सके
?जीसकी खुद की सोच अच्छी नहीं वो दुसरो की सोच को न सुधार सके
?जो खुद को न बदल सके वो दुसरो को भी न बदल सके...ॐD