नॉन रेजिडेंट बिहारी एक अच्छी पुस्तक है| यूपीएससी के ख्वाबों और माता पिता की उम्मीदों के बीच लेखक की शालू के साथ की प्रेम कहानी भी है| अगर आपने कभी प्रेम नही किया है तब भी पढ़ सकते है, उम्मीद है कि प्रेम करना सीख जाएंगे| कभी सिनेमा छोड़ कर किताब भी पढ़ लीजिये| कटिहार ज़िले का रहने वाला है लेखक| हमेशा किताब पढ़ने के लिए मत खरीदिये, कभी कभी लेखकों का हौंसला अफ़ज़ाई के लिए भी खरीद लीजिए|