चेहरे के दो रूप हैं होते
असली नकली चेहरे होते।
असली चेहरा छिपा रहे
नकली चेहरे सामने होते।।
कहते इसे मुखौटा भी
ओढ़ते है सारेआम सभी।
चालबाज गद्दार फरेबी
या दर्द को छिपाने वाले भी।।
धोखा देते नकली चेहरे
चाहे वो किसी के भी हों।
भोली दुनिया पहचान न पाती
दर्द वाला हो या फरेबी हो।।