#दिल की बातें
#बदला नहीं सुरक्षा
कुछ ऐसी परिपाटी नहीं चलनी चाहिए देश में कि हम बदला ले सकते हैं, कल कोई हमला होगा तो हम उसका बदला लेंगे,सारा दुःख भूल जाएँगे, फिर गर्वोन्नत होंगे फिर मोदी-मोदी चिल्लाएँगें..यानि
इस गर्व के लिए पहले हमारे यहाँ आक्रमण
हो,हम अपने सैनिकों, आम नागरिकों को खोएँ और फिर बदला लें...और सरकारें शाबाशी बटोरें,चुनावी फायदा उठाएँ....
मेरा सीधा सा मत है कि क्यों हमारी सुरक्षा व्यवस्था में कमी हो, क्यों हमारे जवान और आम नागरिक यूँ मारे जाएँ और क्यों हम फिर बदला लें...?हमें आतंकवादी संगठनों पर कार्यवाही करनी है तो वो हम वैसे भी कर सकते हैं उसके लिए बदला लेने की कोई जरूरत नहीं है कि कुछ हो फिर बदला लिया जाए....हमने जवानों की मौत का शायद बदला ले लिया है इसे गर्व किया जा रहा है,करना भी चाहिए लेकिन बस एक सवाल आज कोई पूछने, कहने की हिम्मत तक नहीं कर पा रहा कि सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक कैसे हो गई और जो जिम्मेदार हैं इन सबके लिए, उन पर क्या कार्यवाही की जा रही है, क्या कोई निष्पक्ष जाँच भी बिठाई गई है इसके लिए, क्या हमारे सैनिकों के साथ जो कुछ हुआ है और जो लोग भी जिम्मेदार है इतनी गंभीर लापरवाही के लिए, क्या वो क्षम्य हैं?इतने संघर्ष के बाद जो सैनिक बने थे, क्या वो इस तरह की मौत Deserve करते थे, बाहर के दुश्मनों से हम लड़ रहे हैं और घर में बैठे दुश्मनों को क्यों छोड़ रहे हैं....क्या उन पर कार्यवाही नहीं होनी चाहिये..?
02/03/19,9A