जिसे देखना भी मना है l
उसे चाहता ही क्यू दिल है ll
पता है कि ठोकरे मिलेगी l
वहा ही जाता ही क्यू दिल है ll
कभी भी गया ना हो मस्जिद l
खुदा मानता ही क्यू दिल है ll
सभलकर चले जा रहे हैं l
ठोकरें पाता ही क्यू दिल है ll
कसमे खाई थी दूर रखेगे l
नजदीक में लाता ही क्यू दिल है ll
तलब ही ना रही आने वाले की l
रातभर जागता ही क्यू दिल है ll
जब के किस्मत मे ही नहीं है l
तुज से मांगता ही क्यू दिल है ll
इश्क को भुलाना शुरू किया है l
मिलना चाहता ही क्यू दिल है ll
११-२-२०१९