तेरे मैं क्या है की हमको
डुबने को जी चाहता है,
तेरे मैं क्या है, तुमको सुनने का जी
करता है,
तेरे मैं क्या है जो यादों मैं बसाने
बातें तो बहुत नशीली करतें हो,
तेरा चहेरा तो बहुत सुहाना है।
तेरे मैं क्या है जो हमको तेरे मैं ऊतरने का
जी करता है.
क्या है तुजमे जो हम
सब तुमे देखके सब कुछ भुल जाते है.
क्या है तुज मैं हम अपनी
राह भटकसे जाते है....
तेरे शब्द मैं कया है की
हम खींचे चले आते है,
तेरे से तो "प्यार का सफर" सुरु
हुवा तुमसे खत्म ,तुज मे क्या है जो
हम तुमको भुलना चाहे तो हम रो पडते है.
क्या है तुजमे की हम खुदको रोक नहीं पाते,
हम तुजे अपने जींदगी से हटा नहीं पाते,क्या हे
तुजमें की हम तुझे कभी खोना नहीं चाहते......
- Shaimee oza