?खुद सीधे हो जाए तो समस्या ही खत्म | कोई बोले ही नहीं |
?दिखाता कौन है !?! कीसीकी नजर में आए तो बुरे भले लगेना !
?दुसरो की नजर में नहीं खुद देखना है मुझे ही अच्छा नहीं लगता ये नहीं करना चाहिए |
?दीखाने से कोई कुछ कभी नहीं देख पाता | ढुंढने वाले ढुंढ लेते है कहीं पर भी छीपे हो तो | कभी सामने होने पर अरे ! खुद से खुद को भी नहीं पहेचान पाते तो दुसरे क्या पहचानेंगे !?! पहले खुद को जान लेना चाहिए | कीतना कर सकते, क्या कर सकते आदि उसके बाद छलांग लगा सकते | पर खुद का अता पता नहीं सपने कुछ के कुछ तो ना चले ...ॐD