तारीफ और बुराई के विचार खुल कर रखने चाहिए ...ॐD
?तारीफ करनी है खुल कर करनी चाहिए सबको पता चले उसमें कोई दिक्कत नहीं | अकेले में भी केह सके पर अच्छे को अच्छा कहने में क्यु कतराना | अच्छा लगा हो बोलना चाहिए | कभी ऐसी बात सबके सामने रखने से कीतने अच्छे है | कीतना समझ सकते पता चलता है और कभी हमारे विचार बताने से दुसरे भी अपनी बात रख सकते है अपने विचार रख सकते है |...ॐD
?उसी प्रकार की कीसीकी बात हमारे हिसाब से गलत लगे तो ये नहीं कहा जाता मैं सही आप गलत | भले पता हो गलत है पर फिर भी ऐसा बोला जाता है | मेरा ये विचार है मुझे ये बात सही लगती है | हमें क्या पता वो शायद अपने तरीके से सही भी हो |...ॐD