देश के शहीदों के नाम स्वरचित वीर रस कविता की पंक्तियां
कट जाए सिर मेरा मां
तू मत रो देना
शाहीद हो रहा है तेरा बेटा
गर्व से सर उठा देना
भया आंखो में आंसू नहीं
दिल में प्रतिशोध की ज्वाला
जगा देना
दुश्मन के घर जाकर भया
मेरी यारी का फ़र्ज़ अदा करना
मेरी मां के एक एक आंसु का तुम
दुश्मन का सर काट के बदला लेना
मेरे मरने पर आंखो में आंसू नहीं
ऐ मेरे यार प्रतिशोध की ज्वाला जगा देना।
जय हिन्द
कवि नैना सैनी।