?किमती का खयाल रख किमत बढ़ाओ...ॐD
ध्यान रखना, खयाल रखना, मान-सम्मान मतलब की जुठ न बोलो, छल-कपट न करें ऐसे किमती का खयाल रखा जाता है और खुद को किमत बढाई जाती है | कोई मानसिक या शारीरिक असक्त है | जोसे कोई अंध है उसके पास कुछ है मतलब ये नही उसको लुट ले उपर बैठा तो सब देखता है | उसी प्रकार कीसीको समज नहीं बच्चा हो बुजुर्ग हो या कोई भी इंसान उसको समज नहीं मना कर रहा उसका मतलब ये नहीं होता उसे उसकी जरुरत नहीं बस उसे समझ नहीं तो हमें बांटना चाहीए या समझाना चाहिए | ये नहीं कि जरुरत नहीं तो रखलो फिर उपर से भी आता है इसको सुख चेन की जरुरत नहीं लेलु | जीने समझ नहीं यातो उसकी समज बढानी चाहिए या तो उसके हिस्से का खुद संभाल कर कहा कीतना खर्च करना है उस हीसाबसे करते रेहाना चाहिए | कोई काम नहीं कर सकता तो उसका मतलब ये भी नहीं बेकार है | उसके हिसाब से काम करवाया जाये या तो सोचना चाहिए कुछ ऐसा है जीनकी वजह से काम नहीं कर पा रहा उसका भी ख्याल रखा जाना चाहिए |...ॐD