कौन रोकता है तुम्हें, यू जाम पे जाम पीने से।
मगर कभी हमारी आंखो से भी पी लिया करो।
कौन रोकता है तुम्हें, यू बेवाक हसने से।
कभी मुस्कुराने की एक वजह, हमें भी दे दिया करो।
कौन रोकता है तुम्हें, घर से यू दूर जाने से।
मगर कभी थोड़ा सा वक़्त मुझे भी दे दिया करो।
कौन रोकता है तुम्हें, यू मनचाही जिंदगी जीने से।
मगर कभी जीने की एक वजह हमें भी दे दिया करो।......