औरों की कहानी में इतना मत उलझो
कि ख़ुद एक कहानी बन के रह जाओ
कहानियों में सच्चाई कहाँ होती हैं, यारों
कहीं सपनों से नाता जोड़के सच्चाईको न भूल जाओ .....
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ख़ुद से क्या उलझे की अपने वजूद को ही खो बैठे
औरों की बात छोड़ो, हम अपनों को भी खो बैठे ...
- Devanshu patel