भाषा, प्यार की
भाषा,इजहार की
भाषा,तकरार की
भाषा मनुहार की
भाषा, मुस्काती सी
भाषा, बहकाती सी
भाषा, आँखों की
भाषा, होंठों की
भाषा, साँसों की
भाषा, चितवन की
भाषा ,चंचल सी
भाषा, निर्मल सी
भाषा, बोझिल सी
भाषा, ममता की
भाषा, अधिकार की
भाषा, चिंता की
भाषा, बच्चे सी
भाषा, बूढी सी
भाषा, अपनो सी
भाषा सपनों. की
भाषा चाहत की
भाषा नफरत की
भाषा, संगीत की
भाषा, मनमीत की
भाषा इतने रंग भरी
फिर भी क्यों अकेले हैं खड़ी।
दिव्या राकेश शर्मा
देहरादून।