कुछ इस तरह तुम मुझे छोड़कर गई हो,
कुछ इस तरह तुम मुझे रुलाकर गई हो,
ऐसा लगता है, जैसे मोहब्बत ख़त्म हो गई हो,
तुम कहती थी, मैं दोस्त हूँ तुम्हारा,
मुझे भूलना कभी मुमकिन नहीं तुम्हारा,
वो कसम तुम तोड़ कर गई हो,
तुम कहती थी, जिन्दगी में दोस्त बहुत हैं तुम्हारे,
तुम कहती थी, उनमें से कुछ खास बहुत हैं तुम्हारे,
लेकिन मेरे जैसा कोई नहीं है पास तुम्हारे,
वो सब तुम भूलकर गई हो,
खुद को कभी अकैला मत समझना,
मुझे हमेशा खुद में महसूस करना,
ये कहना था तुम्हारा,
पास नहीं हो, लेकिन साथ हमेशा रहूँगी,
जिन्दगी में ना सही, तुम्हें अपने दिल में हमेशा रखूँगी,
ये वादा था तुम्हारा,
वो वादा तुम तोड़कर गई हो,
मुझ पर हँसते हैं, अब दुनिया वाले,
मुझे छेड़ते हैं, अब दुनिया वाले,
कुछ इस तरह तुम मेरा मज़ाक बनाकर गई हो,
कोई अपना नहीं है मेरा, दुनिया में तुम्हारे सिवा,
कुछ नहीं रहा जिन्दगी में, अब दर्द के सिवा,
कुछ इस तरह अकैला होकर सबसे दूर हो गया हूँ,
कुछ इस तरह तुम मुझे तोड़कर गई हो,
..............................#Varman_Garhwal
19-06-2014, #वर्मन_गढ़वाल