आज मैंने चिराग जब जलाया है,
आशियाना ने अपने हाथो से घी डाला है,
माइकल के घर से सकर आई है,
माने मिठाई घर मे तब बनाई है,
रंगोली मैंने फिरोज़ी आंटी के यहां बनाई है,
भेंट में दुआएँ ढेर सारी पाई है,
कौन कहता है मज़हबी त्योहार आए है,
हमने तो हर मजहब में तौहफे पाए हैं।।।।