आज एक दोस्त के कहने पर हमने कलम तो उठाई है.. पता नहीं अच्छा लीखुंगा कि बुरा मगर हां आज मैने भी कोशिश जरूर कि है.. ?
आज बडे दिनो के बाद उस @पगली का पैगाम आया है..
और उस पैगाम मैं एक सवाल आया है..
उन्होने कहां कि ऐ @पगले इतना दर्द सहकर भी कैसे खुश रहेते हो तुम..?? ये हुनर कहासे लाये हो तुम..??
अब क्या बताए उन्हें जनाब कि ये हुनर तो मैने आपही से तो सिखा है..
दुनिया वालो को (हमारे) दर्द से फर्क पडे या ना पडे..
पर (हमारी) मुस्कराहट से कहीयो को फर्क पडता है @पगली.. ?
अभिजित