क्या बताऊं दर्दे दिल,
चाह कर भी पूरा नहीं कर पाता,
वो सारे अधूरी कहानियां,
जिसको सिद्दत के साथ शुरू तो करता हूं,
पर आधे में भटक जाता हूं,
एक नई कहानी की तरफ,
एक नए किरदार की तरफ,
ऐसे ही पड़ी है कई सारी अधूरी कहानियां,
मेरी ही जिंदगी की तरह,
जो हर पल एक नई कहानी का चश्मदीद होता है,
पर उम्मीद में जी रहा हूं,
कभी तो उन्हें पूरा भी करूंगा।
© Krishna Katyayan 2018