#Lovememummy
आदरणीय मां
प्रणाम ।
आप ने मेरे लिए बहुत दुख देखे हैं । इसलिए मैं आप को अपने से अलग नहीं कर सकती हूं । आप का कहना सही है --मैं कब तक जीवित रहूंगी । तू अपना घर बसा ले । लड़का अच्छा है। शादी कर ले।
मगर मां , मैं शादी नहीं करूंगी । आप ने मुझे घर-घर बर्तन मांज कर, कपड़े धो-धो कर पढ़ाया हैं। आप को अकेले नहीं छोड़ सकती हूं ।
आप को मैं अपने प्राणों से ज्यादा चाहती हूं । इसलिए उस लड़के से कह दिया है कि मैं आपसे शादी तभी करूंगी जब आप मुझे अपनी मां को आजीवन अपने साथ रखने के लिए हां नहीं कह देते हैं ।
देखना है कि वह लड़का क्या जवाब देता है ?
आपकी बेटी
गीता क्षत्रिय
रतनगढ़ मध्यप्रदेश
94240 79778