# LOVE YOU MUMMY #
माँ,
कुछ दिनों में आपका जन्मदिन है। प्रत्येक वर्ष मैं आपको कुछ उपहार देती हूँ। माँ आपके लिए मेरा प्यार साधारण ही था। अपनी जरूरत के समय अत्याधिक और
डाँट डपट, व रोक टोक के समय अत्यंत कम। पर जब से माँ बनी हूँ, लगता है तुम मेरे भीतर समा गयी हो। जब मैंअपनी बिटिया को डाँटती हूँ, सीख देती हूँ या टोकती हूँ तो तुम्हारी परछाईं बन जाती हूँ। उपहारस्वरूप अपना सच तुम्हें भेज रही हूँ मांँ-
माँ क्या उपहार दे सकती हूँ मैं तुम्हें?
सब कुछ तो तुम्हारा दिया है मेरे पास,
मन भी तन भी विचार भी संस्कार भी
और क्या कहूँ अब तो मैं तुम ही हो गई हूँr
वही देखती हूँ जो तुम देखा करती थी,
वही बोलती हूँ जो तुम बोला करती थी
वही सोचती हूँ जो तुम सोचा करती थी
और अब तो वही सुनती हूँ जो तुम सुना करती थी जैसे
मम्मा आपको सब कैसे पता चल जाता है
बेटी हूँ तुम्हारी माँ पर अब मैं भी माँ हो गई हूँ
गोद से दूर हूँ तुम्हरी पर अब तुम्हारे थोड़ा अधिक करीब हो गई हूँ।