# LOVE YOU MUMMY
प्यारी माँ, 1
दो दिन बाद कारवांचैथ है। सोचा, अपनी कोई साड़ी तैयार कर लूँ। जैसे ही संदूक खोला, तो विदाई के समय आपकी दी हुई साड़ी नजर आ गई। वास्तव में वह साड़ी नहीं थी। आपके द्वारा दिया गया आशीर्वाद और शिक्षा थी। आपने ही मुझे घर व बड़ों के प्रति जिम्मेदारी सिखाई। आपने विरासत में जो संस्कार दिए उनके चलते ही मैंने प्यार व सम्मान पाया। शादी के दस साल बाद भी मुझे आपकी हर छोटी-बड़ी बात याद है। वो आपका लाड़-प्यार करना, वो डाँटना, बात-बात पर सीख देना। लेकिन सच कहूं, माँ, हर पल मैं आपकी उन बातों को याद करती हूं। आपके जैसी मां पाकर में खुद को खुशकिस्मत मानती हूं। अपना प्यार व आशीर्वाद सदा मुझ पर बनाए रखना।
आपकी बेटी
वरूणा