#LoveYouMummy
प्यारी माँ,
चरण स्पर्श
तुम्हें याद है, बचपन में तुम मुझे फौजियों जैसे कपड़े पहनाती थीं। तुम्हारी इच्छा थी कि मैं फौज़ी अफ़सर बनूं।लेकिन एक दुर्घटना में मेरा एक हाथ बेकार हो गया | मैं अपाहिज हो गया।
तुम्हारा सपना टूट गया। तुम यह सदमा नहीं झेल सकीं। अंदर अंदर घुलती रहीं। तुम अल्पायु में परलोक सिधार गयीं ।
पता है तुम्हारे नाती ने तुम्हारा सपना साकार कर दिखाया । मेरा बेटा फौजी अफसर बन गया। तुम फौजी की दादी बन गयी। काश आज तुम साथ होतीं।
माँ, वापस आ जाओ अपने घर। अपने फौजी नाती की बेटी का जन्म लेकर ।
तुम्हारी प्रतीक्षा में ।
तुम्हारा बेटा