#loveyoumom
प्यारी माँ,
माँ!आप क्यों चली गई।क्यों भगवान इतने निष्ठुर हो गए।बचपन से आपके प्यार को तरस रही हूं।पता है माँ अब मैं डरती नहीं।अंधेरे में चली जाती हूँ।माँ आपको याद है आप मेरे सिर को अपनी गोद में ले सहलाती थी।आपकी उन्हीं गर्म हथेलियों को ढूंढती हूँ माँ!बचपन में हर औरत में तुम्हें ढूंढती थी।सोचती थी अभी आओगी और मुझे अपने आँचल में छूपा लोगी।मैं इंतजार करती थी कि शायद माँ अब आ जायेगी लेकिन यह इंतजार रह गया।खुद माँ बन गई हूँ लेकिन अब भी तुम याद आती हो माँ।जल्दी लौट आओ ना माँ लौट आओ।
आपकी
दिव्या।