#LoveYouMummy
प्रिय माँ
मुझे नहीं समझ आ रहा है कि मैं आपके लिए क्या लिखूं और कहां तक लिखूं। क्योंकि जब भी मैंने आपके बारे में लिखने की कोशिश की तो मुझे लगा कि अभी बहुत कुछ लिखना रह गया है। आपके ममतामयी हृदय में झांकने की कोशिश करती हूं, तो मैं आपकी ममता के प्रवाह में लिप्त हो जाती हूं। जब आप अपने प्रेममयी हाथों से मेरी माथे को सहलाती हो, तो मानो मुझे युगों -युगांतरो का सुख प्राप्त हो जाता है।और इस सुख के आगे सभी सुख नगण्य है।माँ इस सुख के प्राप्त हो जाने पर मुझे अन्य सुख की अभिलाषा नहीं रह जाती है।
आपकी बेटी
नेहा मन्जू शर्मा।