वही मेरा गुरू है,
जिसकी कोई जात नहीं,
जो मुझे ज्ञान की प्रकाश से,
दुनिया को दिखाए,
मुझे मोक्ष की कामना नहीं,
ना ही स्वर्ग नरक का भेदभाव है,
मुझे बस अज्ञानता के मोटी मैल को,
साफ करना है,
और ये वही कर सकता है,
जो खुद उस मैल से साफ हो,
चाहे वो किसी भी जात का हो।
© Krishna Katyayan 2018