बहुत ही विचित्र बात है,
कि नाम को धर्म से जोड़ा जाता है
समझना ये है कि नाम का अर्थ क्या है
वो क्या इतिहास बताता है
जैसे नीग्रो शब्द इंसानियत की इंसानियत पर बदसलूकी दिखाता है,
समाज का वो काला चेहरा दिखाता है,
जिसे हम भूल जाना चाहते है
वैसे ही अलाहाबाद जबरन धर्मपरिवर्तन का इशारा करता है
वो तो प्रयाग ही है,
जहाँ मेरा मैं मरता है,
संगम में मिलकर भव तरता है।