#loveyoumummy
पूज्य मां,
सादर चरणस्पर्श।
बेमन से मैं तुमसे इतनी दूर नौकरी करने चला आया। उस उदास मन को आज चेतना मिली है। मायके से दूर चाहे पुत्र रहे या पुत्री, उसके लिए मां की ममता और सीख हमेशा उसे ताकत देतीं हैं। सच कहूं तो तुम्हारे बिना यहां अकेले मन नहीं लगता। उस आदत का क्या करूं कि तुम्हारे दर्शन किए बिना मेरी सुबह ही नहीं होती।
मां मैं चाहता हूं कि तुम कुछ दिनों के लिए मेरे पास आ जाओ ताकि मेरा विश्वास न डगमगाए। तुम आओगी न मां ?
तुम्हारी प्रतीक्षा में,
तुम्हारा बेटा
डॉ संदीप कुमार शर्मा
9013239426