प्यारी मां
आप लौट क्या गई, घर से घर की महक ही चली गई है। चिकनगुनिया में आप मुझे संभालने क्या आई, एक बच्ची की मां को फिर से बच्ची बना गई। आप का कौर कौर खिलाना याद आता है और खाना गले में अटक जाता है । करीने से सजी वार्डरोब खोलती हूं तो कपड़े छेड़ने को दिल ही नहीं करता।
मोहित बाजार गए तो आपके पसंदीदा बिस्किट आपको कोरियर करवाने के बाद ही घर के लिए खरीद पाए। बोलना सीख रही मिनी ने कल पहला शब्द बोला - नानी । मां, मैं आपको खुद से भी ज्यादा चाहने लगी हूं। पर जानती हूं, इस मामले में भी आप ही आगे रहेंगी।
आपकी बेटी
संगीता
9461515760