Mp3..
कुछ अजब सी हलचल मची थी मेरे दिल में जब मैंने फ़ेसबुक पर उसकी फ्रेंड रिक्वेस्ट देखी। दिल दक्क सा रह गया। यकीन नहीं आ रहा था कि जैसे मैं अब तक उसे याद करती हूं वैसे ही उसे भी मैं अब तक याद हूं। कहीं उसके दिल में भी मेरी तरह... ना जाने कितने सवाल उठ रहे थे मन् में जिनका जवाब शायद वही दे सकता था। और उस वक़्त समयको जैसे परिंदे के पंख लगे और में समय के साथ उड़ चली अपने बचपन के दिनों में।
शिवम् नाम था उसका। एक ही क्लास में पढ़ते थे हम। बहुत होशिार था वो पढ़ने में। हमेशा अवल आना तो जैसे आम बात थी उसके लिए। पर मै भी कहा कम थी। मेरे भी परीक्षा में अच्छे अंक आते थे। बचपन के वो सुनहरे दिन थे जब बातें कुछ नहीं हुई थी बस तिरछी नजरों से देखा करते थे हम एक दूजे को, सबसे छुपते छुपाते। और नज़रे टकरा जाय तो शर्म से पलकें झुक जाया करती थी, गाल सुर्ख लाल से हो जाते थे। कुछ समय बाद मेरे पापा का तबादला दूसरे शहर किया गया तो मेरी स्कूल भी छूटी और वो अहेसास भी...
दिन बीतते गए और साल भी। आज पूरे दस साल बाद उसका चहेरा देखा फेसबुक पर.. अब भी उतना ही मासूम और मोहक लग रहा था। याद करते करते उसकी फ्रेंड रिक्वेस्ट एक्सेप्ट कर ली मैंने। वह भी जैसे मेरे ऑनलाइन आने की ही राह देख रहा था और उसने भी तुरंत हेल्लो का मेसेज भेजा। और हमारी बातों का सिलसला चल पड़ा। उसे तो अब तक मेरे बारे में सब कुछ याद था। यहां तक कि मेरा रोल नंबर और उस वक़्त के मेरे घर का पता भी.. जानकर बेहद खुशी हुई और हैरानी भी के अब तक वो भी सारी यादे संजोए हुए हैं मेरी तरह। फिर हमने मिलने का तय किया और उस दिन गायत्री धाम में मिले। शब्द नहीं मिल रहे थे दोनों को बस देखे जा रहे थे एक दूजे को जैसे जन्मों बाद मिले दो प्रेमी। उस दिन से हर रोज फोन कॉल और मेसेज पर दिनभर बातें होती हमारी। अब तो जैसे इतनी सी ही हमारी दुनिया थी।
फिर एक दिन उसका कॉल आया और उसने मिलने को कहा। बहोत उलझा सा लग रहा था अवाज पर से और मुझे भी गभराहट होने लगी। उसकी बात सुनके मेरे पैरों तले ज़मीन खिसक गई मानो मेरी धड़कने रुक सी गई, गला सूख रहा था। समझ नहीं आ रहा था कि मैं उसे बधाई दूं या रो रो के अपनी जान ले लूं। उसका रिश्ता उसकी ज्ञाती की लड़की से तय कर दिया गया था। और वो भी अपनी मां बाप की ज़िद के सामने बेबस था। उसकी शादी को कई साल बीत चुके हैं और आज वो अपने बीवी - बच्चे के साथ विदेश जाकर बस चुका है। आज भी उसे याद करते करते कभी कभार आंखे नम हो जाती है। वो कहेते है ना, पहेला प्यार भूलाया नहीं जाता। ☺️