प्यार क्या है????
प्यार बहुत ही पवीट्र बंधन है....इसका ए मतलब नहीं की बंधन है तो बंधन बांधना है....अगर दिल में उतारलो तो प्यार भगवान है और दिमाग मे रखोंगे तो प्यार बहुत ही बदा वहम है....प्यार रुह से हुआ बहुत ही पवित्र बंधन में बंद जाएंगे आप और जिस्म से हुआ तो पास हो कर भी वहम ही साथ होगा....ईज्ज्त दो प्यार को.... क्या कृष्ण ने राधा को कभी गली दि थी?
क्या कृष्ण ने राधा को कभी होटल बुलाया था? अपने प्यार के लिए अपनी सोच पवित्र करलो अपना प्यार अ पनेआप पवित्र हो जायेगा.... प्यार का मतलब शादी नही होता जैसे राधा कृष्ण प्यार पवित्र था और राधा ही रुक्मणी बन के साम ने आये और रुक्मणी कृष्ण का शादी हुई.... बस अपने प्यार की पवित्रता बनाये रखना भगवान को खुद आएंगे दो प्यार करने वाले कमिंलायेंगे....
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मे अपनी ही बात करता हु मे भी प्रिया नाम की लडकी को बहुत प्यार करता हूँ
मेरा नाम शिवंश है और जीसे प्यार करता हूँ उनका नाम प्रिया हम दोनो कभी एक दूजे मिले नही पूरा एक साल हो गया है और पता नहीं कितने साल नही मिलेंगे पर मेरे प्यार पे मुझे बहुत ही ज्यादा भरोसा है मेरे बीवी प्रिया ही होंगे और मे अपनी बीवी प्रिया के साथ फोटो भी upload करुंगा वादा.... मेरा नाम शिवंश और मेरे बीवी का प्रिया दोनो का नाम मिलता है तो शिवप्रिया यानि की शिव के सबसे प्यारे और मुझे भी बहुत प्यारे है मेरे प्रिया?