मुझे दर्द में सिर्फ तुम याद आते हो,
मेरी गलतियों पर गुरु बनके समजाते हो,
दोस्त हो पर रिश्ते सारे निभाते हो
दिल की हर बात बिन कहे समझ भी जाते हो,
मेरी ख़ुशी में खुश और दर्द में रोते हो,
हार कर बैठ जाता हु तब तुम ही तो हौसला बढ़ाते हो,
मुस्कुराते रहो,इस बात को हर पल दोहराते हो,
सब भूल आगे बढ़ो,तुम ही तो समजाते हो,
हा बात बात पर रूठ जाते हो
पर ज्यादा देर मुझसे नाराज भी कहा रह पाते हो,
पर दोस्ती के खातिर हर राज छुपाते हो,
मेरी खातिर सबसे लड़ जाते हो,
तुम बहोत खास हो मेरे लिए बस यही समझ नही पाते हों....